उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता ट्रेकर बबीता पांडे की तलाश जारी है, लेकिन लापता होने के 27 दिन बाद भी उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद राहत और बचाव टीमों को अब तक सफलता नहीं मिली है। बबीता पांडे 29 मई को दयारा बुग्याल ट्रेक के दौरान लापता हुई थीं।

शुरुआती दिनों में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) और स्थानीय गाइडों ने व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। कई संवेदनशील इलाकों की पैदल तलाशी के साथ तकनीकी संसाधनों की भी मदद ली गई, लेकिन अब तक कोई महत्वपूर्ण सुराग सामने नहीं आया है।

समय बीतने के साथ जांच का फोकस केवल सर्च ऑपरेशन तक सीमित नहीं रहा है। पुलिस अब तकनीकी पहलुओं, मोबाइल डेटा और अन्य उपलब्ध सूचनाओं की भी जांच कर रही है ताकि किसी नए सुराग तक पहुंचा जा सके। 

अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर संभावित पहलू से की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। बबीता के परिजन अब भी उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। वहीं, इस घटना ने उत्तराखंड के लोकप्रिय ट्रेकिंग रूटों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं।

स्थानीय लोग और ट्रेकिंग समुदाय चाहते हैं कि मामले की जल्द सच्चाई सामने आए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खोज अभियान पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। जैसे ही कोई नया सुराग मिलेगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।